आर्य विद्या मंदिर के प्रांगण में स्वैच्छिक रक्तदान का कार्यक्रम

ओबरा सोनभद्र आज जहां पूरा विश्व कोरोना महामारी की मार से त्राहि-त्राहि कर रही है।कोरोना के कारण हम घरों में रहने के लिए विवश हैं। हमारे पुलिस के जवान, सफाई कर्मी, डॉक्टर, शासन-प्रशासन के लोग,हमारे मीडिया के साथी  प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री सभी मिलकर कोरोना को हराने का प्रयास कर रहे हैं।वहीं इस बीमारी के कारण अन्य कई समस्याओं ने जन्म ले लिया है, उसमें प्रमुख रूप से ब्लड बैंकों में घटती ब्लड की समस्या प्रमुख है। जहां ब्लड बैंकों में ब्लड की सबसे अधिक आवश्यकता मार्च से जून-जुलाई माह में होती है। वही कोरोना महामारी के कारण रक्तदान न होने से ब्लड बैंकों में रक्त की भारी कमी होती जा रही है। इस कमी को दूर करने के लिए उत्सव ट्रस्ट ने आज मजदूर दिवस के शुभ अवसर पर सोशल डिस्टेंसिंग और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखते हुए ओबरा के आर्य विद्या मंदिर के प्रांगण में स्वैच्छिक रक्तदान का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रवेश द्वार पर ही सभी को हाथ धोकर अंदर जाने की अनुमति थी और डोनेशन से पहले सभी रक्तदाताओं को सैनिटाइजर के माध्यम से सेनेटाइज किया गया। इसके बाद ही रक्तदान के लिए भेजा गया। मजदूर दिवस के इस खास अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रुप में आदिवासी मजदूर श्री हेम साह जी रहे। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत मुख्य अतिथि व उत्सव ट्रस्ट के ओबरा इकाई के संरक्षक श्री देवानंद मिश्र के कर कमलों द्वारा दीप प्रज्वलन और फीता काटकर किया गया। सर्वप्रथम महिला रक्त दाता रीना पान्डेय ने रक्तदान कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उसके पश्चात हमारे मिडिया के साथियों में दिलिप दत्ता, प्रदीप बसु, प्रद्युमन,ने और C.I.S.F. से अनिल साहु,अजय मारडी, राजेश बाबू एन ने रक्तदान किया। साथ ही साथ पुरोहितेस्वर प्रजापति, सुमित कुमार, अजय साहनी, विजय कुमार मिश्र, प्रदीप कुमार सिंह पहली बार स्वैच्छिक रक्तदान किया। कुल यूनिट रक्तदान हुआ।इस कार्यक्रम का आयोजन उत्सव ट्रस्ट द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में उत्सव ट्रस्ट के अध्यक्ष आशीष पाठक निदेशक डॉ अजय कुमार शर्मा संस्था के सभी पदाधिकारी कुंदन सिंह, रघुपत चौधरी, अजय ठाकुर, डॉ प्रभाकर, अभिषेक गुप्ता, डॉ कृष्ण कुमार केसरी, डॉ संतोष जायसवाल, अनिल शर्मा, कृष्ण कुमार पांडे, कृष्णकांत पांडे, आदि सभी उपस्थित रहे। व कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने में सभी ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। संस्था ने सभी रक्तदाताओं को मेडल पहनाकर उनका सम्मान किया। एक यूनिट रक्तदान से हम 4 जिंदगियों को बचा सकते हैं। रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं। इसलिए आप सभी स्वैच्छिक रक्तदान कर मानव सेवा के भागीदार बनें।
सोनभद्र ब्यूरो चीफ दिनेश उपाध्याय की रिपोर्ट