नगर पंचायत के सफाई कर्मियों ने पुनः काम पर जाने का निर्णय लिया

आज ओबरा नगर पंचायत के सफाई कर्मियों ने नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी एवं नगर पंचायत अध्यक्ष के विरोध में कार्य का बहिष्कार किया कोरोना योद्धाओं की बात को अनदेखी कर अधिकारियों ने की हीला हवाली नगर पंचायत ओबरा के सफाई कर्मियों की मांगे कि उन्हें बेहतरीन गुणवत्ता वाले मास्क हैंड सेनीटाइजर अच्छे गुणवत्ता वाले जूते और ड्रेस भी अच्छे मिलना चाहिए सफाई कर्मी राजेश ने कहा कि नगर पंचायत से किसी प्रकार की सुविधा मांगने पर नगर पंचायत के अधिकारियों द्वारा नौकरी से निकालने की धमकी भी दी जाती है और आज जब स्थानीय चिल्ड्रन पार्क में सभी सफाई कर्मियों ने कहा कि हम कार्य का बहिष्कार कर जब तक हमारी मांगे अधिकारियों द्वारा नहीं मानी जाएगी हम कार्य नहीं करेंगे स्थानीय कान्वेंट चौराहे पर सफाई कर्मियों के विरोध में जब किसी एक सफाई कर्मी ने अपनी सभी समस्या आचार्य अजय कुमार पाठक जी को बताएं तब तुरंत अपर जिलाधिकारी महोदय से बात की और नगर पंचायत ओबरा के कोरोला योद्धाओं की समस्या को उक्त अधिकारी के समक्ष रखा जब नगर पंचायत अधिकारी को यह बात मालूम चली तो उन्होंने सभी सफाई कर्मियों को चिल्ड्रन पार्क बुला करके उनकी समस्या को जाना उसी बीच जब इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथी श्री अरविंद गुप्ता जी वीडियो बना रहे थे तो अधिशासी अधिकारी ने उन्हें कहा कि यह हमारा आपसी मामला है उसी प्रकार के बाहरी लोगों की आवश्यकता नहीं है अधिकारी के इस रवैए से क्षुब्ध होकर के मीडिया कर्मी बाहर चले गए फिर सफाई कर्मियों को झांसी अधिकारियों द्वारा नौकरी से निकालने की धमकी देकर के सभी बातें मान जाने को सभी सफाई कर्मियों से कहा सफाई कर्मी अपनी नौकरी से हाथ धो बैठ जाने के डर से बाद में मीडिया बंधुओं से कहा कि आप इस खबर को सार्वजनिक ना करिएगा अन्यत्र हमारी नौकरी नगर पंचायत के अधिकारियों द्वारा खत्म कर दी जाएगी कैसा है यह रामराज्य एक तरफ भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार कोरोना योद्धा के सम्मान में माला गमछा देकर सम्मानित कर रहा है वहीं दूसरी तरफ नगर पंचायत के अधिकारियों द्वारा नौकरी निकाल देने के डर से ना सफाई कर्मी अपने जनहित की बात भी नहीं कह पा रहे हैं प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार कोरोना योद्धाओं की समस्याओं को जरूर ध्यान में रखें अन्यत्र जब इनकी समस्या नहीं सुनी जाएगी तब देश से करो ना कभी जीवन में खत्म नहीं हो सकता है क्योंकि को रोना को सबसे ज्यादा बढ़ावा नगर पंचायत के अधिकारियों द्वारा ही दिया जा रहा है l
सोनभद्र से ब्यूरो चीफ दिनेश उपाध्याय की रिपोर्ट

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