ओबरा तापीय परियोजना चिकित्सालय को कोविड हॉस्पिटल बनाने की सुगबुगाहट-संयुक्त संघर्ष समिति ने किया विरोध

ओबरा सोनभद्र स्थानीय परियोजना कॉलोनी के बीच स्थापित ओबरा तापीय परियोजना चिकित्सालय को लगभग दो वर्षों के लिए कोविड हॉस्पिटल में तब्दील करने के मद्देनजर जिला मुख्य चिकित्साधिकारी सोनभद्र द्वारा परियोजना चिकित्सालय का भौतिक निरिक्षण करने की खबर सुनते ही परियोजना के विद्युत अधिकारीयों व कर्मचारियों के साथ साथ नगर के आम जन मानस में हड़कंप मच गया।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े विभिन्न ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों में इं बीएन सिंह,इं अदालत वर्मा, इं मनीष कुमार मिश्रा,इं आरजी सिंह, इं अभय प्रताप सिंह,श्री शशिकान्त श्रीवास्तव, श्री शाहिद अख्तर,श्री सत्य प्रकाश सिंह, श्री अजय कुमार सिंह ,श्री हरदेव नारायण तिवारी,श्री सतीश कुमार,श्री आरपी त्रिपाठी ,श्री अंबुज सिंह, श्री योगेंद्र प्रसाद, श्री दिनेश यादव, श्री उमेश कुमार,श्री बीडी तिवारी,श्री विजय कुमार सिंह,श्री दीपक सिंह, श्री कैलाश नाथ,श्री रामयज्ञ मौर्य,श्री लालचंद सहित कई पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन के इस प्रकार के निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि ओबरा में ब ताप विद्युत गृह की इकाईयों से विद्युत उत्पादन के साथ साथ 1320 मेगावाट की नयी विद्युत गृह का निर्माण कार्य चल रहा है ।वहीँ नगर के आस पास के क्षेत्रों में खनन का कार्य भी हो रहा है।वर्तमान में लाखों की आबादी के बीच ओबरा परियियोजना चिकित्सालय ही एकमात्र चिकित्सालय है जहाँ बिजली कर्मीयों व उनके परिवार के साथ साथ नगर के आम जन मानस भी सामान्य व आकस्मिक बीमारी के लिए इसी एकमात्र उपलब्ध हास्पीटल पर निर्भर हैं। अगर इस हॉस्पिटल को कोरोना संक्रमित लोंगों के इलाज हेतु कोविड हॉस्पिटल बना दिया जायेगा तो इस दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र में किसी प्रकार की दुर्घटना होने पर तत्काल इलाज हेतु वे कहाँ जायेंगे? विदित है कि सभी विद्युत कर्मी आकस्मिक सेवा में लगकर कोरोना योद्धा की भूमिका निभाते हुए अपना और अपने परिवार का जान जोखिम में डालते हुए इस भीषण गर्मी में 24 घंटे बिजली उत्पादन व सप्प्लाई करके जनता को लॉक डाउन के दौरान घरों में रहने में पूर्ण सहयोग कर रहे हैं।बिजली कर्मियों के साथ ओबरा नगर के सामाजिक व आम जमानस ने कहा कि परियोजना कॉलोनी के बीच बने इस चिकत्सालय को अगर कोविड हॉस्पिटल बना दिया गया तो ओबरा में रहना कोरोना संक्रमण से सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक हो जायेगा।इसेन्शियल सर्विस परिक्षेत्र में कोविड हॉस्पिटल कतई नहीं बनाने चाहिए।अतः वर्तमान परिदृश्य में परियोजना चिकित्सालय में कोविड हॉस्पिटल बनाया जाना सर्वथा अनुचित निर्णय होगा।आकस्मिकता होने पर कर्मचारी और कर्मचारी परिवार कहां जाएंगे इस पर भी विचार किया जाना नितांत आवश्यक है। जिला प्रशासन या परियोजना प्रबंधन द्वारा इस प्रकार का निर्णय लिया जाना अत्यंत दुखद है।अगर जिला प्रशासन इस परियोजना चिकत्सालय ओबरा को कोविड हॉस्पिटल के रूप में अधिग्रहित करता है तो हम सभी अधिकारी व कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर जाने हेतु बाध्य होंगें।
सोनभद्र से ब्यूरो चीफ दिनेश उपाध्याय की रिपोर्ट