आखिर कैसे भारत वापस लौटे नेपाल में फंसे भारतीय पर्यटक

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को महराजगंज के जिलाधिकारी डा. उज्ज्वल कुमार व एसपी रोहित सिंह सजवान ने इन पर्यटकों से मिल कर हाल जाना. उन्हें कोई असुविधा न हो, इसके लिए स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया. पर्यटकों के फंसे होने की जानकारी मिलने के जिलाधिकारी ने नेपाल के रुपंदेही जिले के समकक्ष अधिकारी सीडीओ महादेव पंत से फोन पर वार्ता की. जिलाधिकारी के निर्देश पर भेजे गए एसडीएम नौतनवां जसधीर ङ्क्षसह व सीओ राजू कुमार साव बेलहिया पहुंचे और सभी को सोनौली सीमा से भारत में प्रवेश दिलाया. इनमें तमिलनाडु के 32, मणिपुर, मध्य प्रदेश के एक-एक, उत्तर प्रदेश के बस्ती के एक,  इलाहाबाद के पांच व वाराणसी, गोरखपुर के दो-दो पर्यटक हैं.

चेन्नई (तमिलनाडु) के एम. अरुमुगन, ए. सरस्वती, अनंति, करपागम, नीलावती, एल. जगनाथन, जे. बराठी, बी. विनोठी, पी. बरन, बी.रनुगा, पी. धनालक्ष्मी, पी. करुणापई, चितरा श्रीराम, के. अलामालू, कृष्णमूर्ति, रंगामल, आर. पलानी, के. विनोद, बसैय्या, मनोगरी, शकुंतला, मुथुरलक्ष्मी, पलायन स्वामी, शांति, लक्ष्मी, सलवागंथी, जया बराठी, बैज्ञाम, एस. मंगलम, चंदीरा, ई. नवानीथन, कस्तूरी. इंफाल (मणिपुर) की लक्की गौंडा. इंदौर (मध्य प्रदेश) के सतीश लोहवंशी, बस्ती (उत्तर प्रदेश) के उर्मिला रामानंद पाल, गोरखपुर के सुमित शर्मा व आनंद, इलाहाबाद के भोलानाथ, रङ्क्षवद्र कुमार, राजकुमार, मनीकुंदन, भीम प्रसाद भंडारी और वाराणसी के साबिर व सलीम को नेपाल  से लाया गया है.

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