डोनाल्‍ड ट्रंप इस महामारी को रोकने में भारत से मदद करने की अपील

वाशिंगटन: आज के समय में बीमारी हो या कोई आपदा दोनों ही मानव जीवन पर संकट बन ही जाती है. जिसमे से एक है कोरोना वायरस यह एक ऐसी बीमारी है, जिसका अभी तक कोई तोड़ नहीं मिल पाया है. वहीं इस वायरस की चपेट में आने से 88000 से अधिक मौते हो चुकी है, जबकि लाखों लोग इस वायरस से संक्रमित हुए है. ऐसे में वैज्ञानिकों के लिए यह कहना जरा मुश्किल सा है कि इस बीमारी से कब तक निजात मिल पाएगा. वहीं हाल ही में कोरोना वायरस के मरीजों पर हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा के प्रभाव को लेकर अमेरिका में छिड़ी बहस के बीच राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप का वो दावा सही साबित हुआ है जिसमें उन्‍होंने इस दवा के प्रभावशाली होने की बात कही थी.

दरअसल इस दवाई का प्रयोग डेमोक्रेटिक पार्टी की मिशिगन राज्य के सीनेटर केरेन वाइटसेट पर गया था. खुद केरेन ने माना है कि कोरोना से पॉजीटिव पाए जाने के बाद उन्‍होंने और उनके पति ने इस दवा को लेना शुरू किया था. इसकी वजह से ही उनकी जान बच सकी. इतना ही नहीं इन दोनों ने ही राष्‍ट्रपति ट्रंप का इस दवा के प्रचार और प्रसार के लिए किए जा रहे उपायों पर उनकी सराहना भी की है. गौरतलब है कि केरेन ने इस वायरस की चपेट से ठीक होने के बाद एक चैनल को इंटरव्‍यू दिया था और ट्रंप को शुक्रिया भी कहा था. रिपोर्ट्स के मुताबिक विटसेट ने कहा कि कोरोना पॉजीटिव होने के बाद उन्‍होंने एक दिन राष्‍ट्रपति ट्रंप को इस दवा के बारे में कहते सुना था. वो इस दवा के उपयोग को लेकर काफी विश्‍वास से भरे थे इसके बाद केरेन ने अपने डॉक्‍टर से इस दवा के माध्‍यम से ही इलाज करने का निवेदन किया था. उनके मुताबिक इस दवा की वजह से ही वह आज जिंदा हैं.

जंहा यह भी कहा जा रहा है कि डोनाल्‍ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में हुई प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों से सांसद केरेन को का परिचय करवाते हुए कहा था कि उन्‍हें एक बार को लग रहा था कि वो इस वायरस से बच नहीं पाएंगी. उन्‍होंने ही बताया था कि वह डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रतिनिधि हैं और बेहद सम्मानित अफ्रीकी-अमेरिकी महिला हैं. ट्रंप ने इस दौरान केरेन के उस इंटरव्‍यू का भी जिक्र किया था जिसमें उन्‍होंने इस जीत की कहानी को बयां किया था. ट्रंप ने कहा कि जिस तरह से उन्‍होंने अपनी बात साझा की वह तरीका बेहद शानदार था.

जानकारी के लिए आपको बता दें कि पिछले दिनों अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप इस महामारी को रोकने में भारत से मदद करने की अपील भी की थी. उन्‍होंने कहा था कि भारत मलेरिया के इलाज में दी जाने वाली दवाई हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की आपूर्ति करने का भी आग्रह किया था. हालांकि कुछ समय पहले ही भारत ने इसके निर्यात पर रोक लगा दी थी. लेकिन अमेरिका के आग्रह के बाद इस रोक को हटाकर आपूर्ति की गई. ट्रंप का कहना था कि कोरोना मरीजों पर किए गए इस दवा के शुरुआती नतीजे काफी बेहतर आए हैं.

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