Saturday , September 18 2021
Home / Entertainment / खेलो इंडिया यूथ गेम्स

खेलो इंडिया यूथ गेम्स

सरकार की योजनाओं में प्राथमिकता में शामिल खेलो इंडिया यूथ गेम्स में अब तक का सबसे बड़ा डोपिंग का मामला सामने आया है. गुवाहाटी में 10 से 22 जनवरी को हुए खेलो इंडिया यूथ गेम्स में थोड़े नहीं बल्कि 15 खिलाड़ी डोप में पॉजिटिव पाए गए हैं. दिल्ली में हुए पहले खेलो इंडिया गेम्स में 11 और उसके बाद पुणे में हुए इन खेलों में नौ खिलाड़ी डोप में पॉजिटिव पाए गए थे. डोप में फंसने वाले इन खिलाड़ियों में ज्यादातर स्वर्ण विजेता और नाबालिग हैं. स्टेरायड के लिए डोप में फंसने वाले खिलाड़ियों पर नाडा ने अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि स्पेसीफाइड सब्सटेंस के लिए फंसने पर कुछ खिलाड़ियों पर अस्थायी प्रतिबंध नहीं लगा है.

फंसने वालों में सबसे ज्यादा पहलवान, लिफ्टर: डोप में फंसने वाले खिलाड़ियों में चार वेटलिफ्टर, चार पहलवान (कुश्ती), तीन कबड्डी के और बाकी एथलेटिक्स, फुटबॉल, वॉलीबाल और मुक्केबाजी के खिलाड़ी शामिल हैं. ज्यादातर खिलाड़ियों के सैंपल एनाबॉलिक स्टेरायड पाया गया है. कुछ खिलाड़ियों ने बी सैंपल टेस्ट कराने के लिए कहा है, लेकिन लॉकडाउन होने के चलते इनके टेस्ट नहीं हो पाए हैं.

इन खेलों में अब तक का सबसे बड़ा डोपिंग का मामला: नाडा की ओर से इन खेलों में 346 डोप सैंपल लिए गए थे, जिन्हें टेस्टिंग के लिए दोहा (कतर) लैब भेजा गया था. खेल मंत्रालय और साई का खेलो इंडिया फ्लैगशिप कार्यक्रम है. इन खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाने वाले खिलाड़ियों को सरकार से 50 हजार रुपये प्रति माह का वजीफा दिए जाने के साथ उच्चस्तरीय ट्रेनिंग कराई जाती है. लॉकडाउन खुलने के बाद ही इन खिलाड़ियों को अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए नाडा के हियरिंग पैनल के समक्ष पेश होने का मौका मिलेगा.

About Konika Das

Check Also

जन्मदिन पर स्वरा भास्कर ने की वर्चुअल पार्टी

बॉलीवुड में अपने बयानों के कारण ट्रोल होने वाली स्वरा भास्कर ने बीते दिन ही …

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com